(समाज - सुदार और पर्याबरन खों समरपत संस्ता), संस्तापक : किसान गिरजाशंकर कुशवाहा 'कुशराज', पण्डित दीपेश मिश्रा 'तेजस्व'; इसतापना - १० फरबरी २०२०
बच्चों का भविष्य है बदलाओ युवाओं का कर्म है बदलाओ बुजुर्गो की आशा है बदलाओ प्रकृति का नियम है बदलाओ सब की जरुरत है बदलाओ विश्वास की किरण है बदलाओ मैं बदलुगाँ तू बदलेगा हम बदलेगे तुम बदलोगें हम सब मिल कर बदलेगें
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